मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीराम कथा के समापन समारोह में भाग लेकर श्रद्धालुओं को किया संबोधित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीराम कथा के समापन समारोह में भाग लिया
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में श्रीराम कथा के समापन समारोह में भाग लिया और श्रद्धालुओं के बीच अपनी विचार साझा किए।
हरिद्वार में आयोजित इस पावन समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार की भूमि पर उन्हें अद्वितीय आध्यात्मिक सुख महसूस हुआ। उन्होंने मोरारी बापू का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह न केवल कथा वाचक हैं, बल्कि भगवान श्रीराम के विचारों को जन जन तक पहुँचाने के लिए उनके एक जीवंत प्रतिनिधि हैं।
धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन का समय
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा, "आज के विश्व में जहां युद्ध, आतंकवाद और हिंसा की चुनौतियाँ मौजूद हैं, वहाँ भारत की सनातन संस्कृति 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है।" उन्होंने बताया कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस देवभूमि को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए अभियान चला रही है। इसके अंतर्गत केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, और प्राचीन मंदिरों के संरक्षण की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।
धार्मिक पर्यटन के कीर्तिमान
धामी ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन ने इस साल नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। "चारधाम यात्रा में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं, और इस वर्ष में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं," उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रतिकात्मक मत्था टेक किया और कैलाश मानसरोवर यात्रा में भी 55,000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। पहले, पूरे वर्ष में इतनी कम संख्या में श्रद्धालुओं को भेजा जाता था।
भविष्य की योजनाएँ
मुख्यमंत्री धामी ने 5 जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को रवाना करने का अवसर भी बताया। "यह उत्तराखंड में बढ़ते बुनियादी ढांचे और सुरक्षित यात्रा प्रबंधन का प्रतीक है," उन्होंने कहा।
उन्होंने आगामी कुंभ-2027 को दिव्य और भव्य बनाने का संकल्प लेते हुए कहा कि कुंभ का आयोजन केवल आस्था नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का एक महापर्व है।
उन्होंने अंत में श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया, और कहा कि संतों के आशीर्वाद और जन भागीदारी से उत्तराखंड नए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयाम छूने में सफल होगा।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री सुनील सैनी, और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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टीम यंग्सइंडिया
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