मुख्यमंत्री का मानना है कि नियुक्ति पत्र जनसेवा के प्रति विश्वास और उत्तराखंडवासियों की अपेक्षाओं का प्रतीक है

Jul 4, 2026 - 08:30
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मुख्यमंत्री का मानना है कि नियुक्ति पत्र जनसेवा के प्रति विश्वास और उत्तराखंडवासियों की अपेक्षाओं का प्रतीक है
मुख्यमंत्री का मानना है कि नियुक्ति पत्र जनसेवा के प्रति विश्वास और उत्तराखंडवासियों की अपेक्षाओं का प्रतीक है

मुख्यमंत्री का मानना है कि नियुक्ति पत्र जनसेवा के प्रति विश्वास और उत्तराखंडवासियों की अपेक्षाओं का प्रतीक है

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और इसे जनसेवा का संकल्प मानते हुए सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में चयनित 182 उम्मीदवारों और कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में वैयक्तिक सहायक के पद पर चयनित 5 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह नियुक्ति पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, अपेक्षाओं और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर अधिकारी की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी कार्यशैली, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण से होनी चाहिए। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे समाज के सबसे निचले स्तर के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाएं।

परीक्षा में सफलता और चुनौतियां

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी कि उत्तराखंड पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 के लिए लगभग डेढ़ लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 71,000 से अधिक छात्र परीक्षा में उपस्थित हुए। सिर्फ 182 अभ्यर्थियों को सफलता मिली। उन्होंने कहा, "यह चयन केवल संयोग नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।"

धामी ने कहा कि लोकतंत्र में सार्वजनिक सेवा करना ही सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने प्रभावी निर्णय लेने और जनसेवा के लिए प्रशासनिक सुधार करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

पारदर्शिता और नकल विरोधी कानून

सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। पिछले चार वर्षों में, 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियों दी गई हैं। वर्तमान मौके पर 187 और युवाओं का नाम इस लिस्ट में जुड़ गया है।

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार का यही मुख्य उद्देश्य है कि हर युवा को उसकी प्रतिभा और कौशल के अनुरूप अवसर उपलब्ध हो, ताकि रोजगार के लिए उन्हें राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े।"

प्रधानमंत्री का समर्थन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक घोषित करने पर चर्चा की और नवचयनित अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से आधुनिक उत्तराखंड के विकास के लिए सच्चाई, तटस्थता और संकल्प के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईमानदारी और निष्पक्षता से कार्य करने वाले अधिकारियों के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, धन सिंह रावत, रामसिंह कैड़ा, विधायक सविता कपूर, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु अनुमंडल क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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टीम यंग्सइंडिया

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