मुख्यमंत्री धामी ने प्रवासी बुद्धिजीवियों के साथ साझा की उत्तराखण्ड के विकास की राहें

Sep 28, 2026 - 16:30
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मुख्यमंत्री धामी ने प्रवासी बुद्धिजीवियों के साथ साझा की उत्तराखण्ड के विकास की राहें
मुख्यमंत्री धामी ने प्रवासी बुद्धिजीवियों के साथ साझा की उत्तराखण्ड के विकास की राहें

मुख्यमंत्री धामी ने प्रवासी बुद्धिजीवियों के साथ साझा की उत्तराखण्ड के विकास की राहें

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कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रवासी बुद्धिजीवियों के साथ उत्तराखंड के विकास को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया, जिसमें कई सुझाव भी लिए गए।

देहरादून: रविवार को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास पर प्रवासी बुद्धिजीवियों से संवाद किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के विकास में प्रवासियों और शिक्षित लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी से राज्य की विकास यात्रा को नया आयाम मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वह प्रवासी बुद्धिजीवियों द्वारा दिए गए सुझावों को नीतियों में शामिल करेंगे। उन्होंने सभी प्रवासी बंधुओं को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया, बावजूद इसके कि उनके कार्यक्रम व्यस्त थे।

उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और विकास की दिशा

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सम्पदा की बात करते हुए कहा, "हमारा राज्य एक ऐसा खजाना है, जिसे हमें संजोकर रखना है। विकास को गति देने के लिए राज्य का बजट बढ़ाकर 1.12 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।"

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रिवर्स पलायन की दिशा में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है। "पहाड़ के पानी और युवाओं को फिर से यहां लाने के लिए पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कोशिश की जा रही है।" उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

समर्थन की अवश्यक्ता और नए निवेश के अवसर

मुख्यमंत्री ने राज्य के मजबूत कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, "दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा खुलने से यात्रा का समय कम हुआ है, जो निवेशकों को आकर्षित करेगा।" उन्होंने बताया कि देहरादून से प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे निवेशक आसानी से आ-जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार को औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र बताया और ऊधमसिंह नगर में पंतनगर के विकास को भी महत्वपूर्ण बताया। यहां प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को औद्योगिक दृष्टि से लाभदायक बताया गया।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

युवाओं के रोजगार के बारे में उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया है। हाल ही में 35,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। इसके साथ ही नकल माफिया को पकड़ने के लिए कठोर कार्रवाई की गई है।"

उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के माध्यम से होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, और बागवानी में बड़े पैमाने पर युवाओं और महिलाओं को रोजगार में सहायता मिल रही है।

प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश जैसी यात्राओं में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इसका लाभ सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद करेगा।

समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास

समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने एक नई पहल की है, जिसके परिणामस्वरूप समाज में सकारात्मक बदलाव आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूत करने में सहायक हो रहा है।

शिक्षा प्रणाली में सुधार के कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में समानता और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए मदरसा बोर्ड को समाप्त कर एक नई व्यवस्था की गई है ताकि सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

उत्तराखंड के विकास की दिशा में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सीमांत क्षेत्रों में सड़क, रेल, रोपवे, और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार लाने के लिए उनकी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के अन्य वरिष्ठ बुद्धिजीवी, जैसे प्रसून जोशी, प्रदीप जोशी, अश्विनी लोहानी, हर्ष वी. पंत और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गोविंद सिंह ने किया।

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टीम यंग्सइंडिया
सीमा रानी

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