उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का सख्त आदेश: आपदा प्रबंधन में लापरवाही नहीं सहेंगे - पुष्कर सिंह धामी

Jul 18, 2026 - 16:30
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का सख्त आदेश: आपदा प्रबंधन में लापरवाही नहीं सहेंगे - पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का सख्त आदेश: आपदा प्रबंधन में लापरवाही नहीं सहेंगे - पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का सख्त आदेश: आपदा प्रबंधन में लापरवाही नहीं सहेंगे - पुष्कर सिंह धामी

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी को मौजूदा स्थिति की गहनता से निगरानी करनी होगी।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में जनपदों से अतिवृष्टि, मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, डेंगू की रोकथाम और आपदा प्रबंधन के तैयारियों पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

अधिकारियों को दी गई सख्त हिदायतें

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहना होगा। किसी भी आपदा या आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए।

चारधाम यात्रा और जनसुरक्षा

मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों की स्थिति, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी मांगी। चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के सभी मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल और स्वच्छता में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।

भूस्खलन की रोकथाम के लिए तैयारी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें और तकनीकी दल पहले से तैनात रहें ताकि सड़क बंद होने पर तत्काल व्यवस्था बहाल की जा सके। साथ ही, जीपीएस और आधुनिक संचार प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए और सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा।

डेंगू की रोकथाम पर विशेष ध्यान

डेंगू की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों और पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने का निर्देश दिया। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए और साबुन और एंटी लार्वा छिड़काव के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।

आवश्यक सेवाओं का अद्यतन

मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश था कि अगर बारिश या अन्य कारणों से बिजली, पेयजल या संचार सेवाएं बाधित होती हैं, तो उनकी बहाली सबसे पहले की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए और इसके लिए ज़रूरी सामग्रियों और चिकित्सा सहायता की पहले से योजना बनाई जाए।

बिजली, पानी और अन्य सेवाएं

सीमित सुविधाओं के बीच गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों की विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए। जिन क्षेत्रों में आपात स्थिति उत्पन्न हो सकती है वहां हेली सेवा स्थापित की जाए।

आपदा प्रबंधन का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल कागजों पर नहीं होना चाहिए। अधिकारी समस्याओं के समाधान के लिए जनता के बीच जाना चाहिए। जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष में आई आपदाओं के सभी कार्य समय पर पूरे होने चाहिए।

जिन परियोजनाओं में बाधाएं हैं उन्हें तुरंत चिन्हित कर समाधान निकाला जाए। उन्होंने अल्मोड़ा में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और सभी जनपदों में विकास कार्यों की समयसीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत किया है और इसके तीसरे चरण का शुभारंभ 15 सितंबर से होगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से ग्राउंड जीरो पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन को हर विपरीत परिस्थिति में जनता के साथ खड़ा रहना चाहिए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए।

स्वच्छता, जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया के इन आदेशों के लागू होने से उत्तराखंड राज्य में आपदा प्रबंधन की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार किसी भी मूल्य पर जनसुरक्षा से समझौता नहीं करेगी।

टीम यंग्सइंडिया For more updates, visit YoungsIndia

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