उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय घोटाला: मुख्यमंत्री धामी की पहल पर खुली जांच का आदेश

Nov 29, 2025 - 08:30
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उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय घोटाला: मुख्यमंत्री धामी की पहल पर खुली जांच का आदेश
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय घोटाला: मुख्यमंत्री धामी की पहल पर खुली जांच का आदेश

उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय घोटाला: मुख्यमंत्री धामी की पहल पर खुली जांच का आदेश

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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुई प्रशासकीय और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सतर्कता विभाग को निर्देश दिए हैं। यह कदम इस घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री धामी ने लिया सख्त रुख

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय (UAU) में प्रशासकीय व वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सतर्कता विभाग को खुली जांच का आदेश दिया है ताकि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को सजा दी जा सके। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब विश्वविद्यालय पर कई गंभीर आरोप लगे हैं।

घोटाले की पृष्ठभूमि

उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय पर कई बार प्रशासकीय और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालयों में घूसखोरी, अनुचित नियुक्तियों और वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री का यह आदेश राज्य के नागरिकों के बीच विश्वास को फिर से स्थापित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

जांच प्रक्रिया की शुरुआत

सतर्कता विभाग अब इस मामले की गहन जांच करेगा और सभी संदिग्ध गतिविधियों का विवरण एकत्र करेगा। मीडिया में आई रिपोर्टों के अनुसार, कई पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा सकती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।

जनता की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री के इस कदम पर राज्य के नागरिकों में संतोष का माहौल है। कई लोगों ने इसे सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। लोगों का मानना है कि इस तरह की ठोस कार्रवाई न केवल घोटाले में शामिल लोगों को दंडित करेगी बल्कि भविष्य में इसी तरह के मामलों को रोकने में भी सहायक होगी।

समाप्ति टिप्पणी

उत्तराखंड सरकार की इस पहल से विश्वविद्यालय में पारदर्शिता की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री धामी की सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि उन्हें राज्य में चल रही अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की जरूरत है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि इस जांच से क्या परिणाम निकलते हैं एवं दोषियों के खिलाफ क्या विधिक कार्रवाई की जाती है।

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टीम यंग्सइंडिया
नीता शर्मा

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