हरिद्वार: अर्धकुंभ की तैयारियों को लेकर संत समाज ने उठाए सवाल, आश्रमों की उपेक्षा का आरोप

Dec 1, 2025 - 16:30
 163  501.8k
हरिद्वार: अर्धकुंभ की तैयारियों को लेकर संत समाज ने उठाए सवाल, आश्रमों की उपेक्षा का आरोप
हरिद्वार: अर्धकुंभ की तैयारियों को लेकर संत समाज ने उठाए सवाल, आश्रमों की उपेक्षा का आरोप

हरिद्वार में अर्धकुंभ की तैयारियों पर संतों की नाराजगी

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia

कम शब्दों में कहें तो हरिद्वार में अर्धकुंभ के आयोजन को लेकर संतों की नाराजगी एक बार फिर से चर्चा का विषय बनी हुई है। संतों का कहना है कि सरकार और अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे धार्मिक आस्था पर असर पड़ सकता है।

संतों की नाराजगी का कारण

हरिद्वार में अर्धकुंभ महोत्सव की तैयारियों के बीच संत समाज ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भारत सेवाश्रम में रहने वाले साधु-संतों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी उपेक्षा की जा रही है। संतों ने सरकार के वर्तमान दृष्टिकोण और कार्यशैली पर कठोर निंदा की है। उनका मानना है कि अर्धकुंभ जैसे महापर्व के आयोजन के लिए सरकार को साधु-संतों की भागीदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अखिल भारतीय आश्रम परिषद का गठन

संतों ने ऐलान किया है कि वे एक 'अखिल भारतीय आश्रम परिषद' का गठन करेंगे। यह परिषद साधु-संतों के मुद्दों को उठाने और उनकी आवाज़ को मुखर करने का कार्यभार संभालेगी। संत समाज का यह कदम इस बात का प्रतीक है कि वे अब अपने अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से लड़ने को तैयार हैं।

सभी साधू समाज की भागीदारी की मांग

इसके अलावा, संतों ने मांग की है कि अर्धकुंभ में सभी साधू समाज को भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए। उनका मानना है कि बिना संतों की भागीदारी के, यह आयोजन अधूरा रहेगा और इसका धार्मिक मूल्य कम हो जाएगा। संतों के अनुसार, अर्धकुंभ जैसी धार्मिक महत्ता के मौके पर सभी समुदायों और साधुओं को एक साथ आकर अपने धर्म का पालन करना चाहिए।

सरकार से अपेक्षाएँ

संतों ने सरकार से यह अपेक्षा की है कि वह उनके साथ संवाद स्थापित करे और उनकी सुझावों पर गंभीरता से विचार करे। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार को अर्धकुंभ के आयोजन में साधु-संतों के महत्वपूर्ण योगदान को ध्यान में रखना चाहिए। संतों की नज़र में, इस धार्मिक आयोजन की सफलता के लिए उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

हरिद्वार में अर्धकुंभ के आयोजन की तैयारी के साथ-साथ संत समाज की नाराजगी एक महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरी है। संतों का यह विरोध निश्चित रूप से सरकार को उनकी भावना और विचारों की समझदारी की दिशा में कदम उठाने की प्रेरणा देगा। अधिक अपडेट के लिए, हमारी वेबसाइट पर जाएँ।

टीम यंग्सइंडिया, राधिका शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0