यूपीसीएल में पहली बार कॉमर्शियल डायरी कार्यशाला का आयोजन, एमडी पी.सी. ध्यानी ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

Sep 14, 2026 - 00:30
 100  501.8k
यूपीसीएल में पहली बार कॉमर्शियल डायरी कार्यशाला का आयोजन, एमडी पी.सी. ध्यानी ने दिया महत्वपूर्ण योगदान
यूपीसीएल में पहली बार कॉमर्शियल डायरी कार्यशाला का आयोजन, एमडी पी.सी. ध्यानी ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

यूपीसीएल में पहली बार कॉमर्शियल डायरी कार्यशाला का आयोजन, एमडी पी.सी. ध्यानी ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia

कम शब्दों में कहें तो: यूपीसीएल में वाणिज्यिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए पहली बार कॉमर्शियल डायरी पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में एमडी पी.सी. ध्यानी ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और अधिकारियों को उचित मार्गदर्शन दिया।

UPCL Workshop Image

देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने आज वाणिज्यिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों में अधिक पारदर्शिता, शुद्धता एवं एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कॉमर्शियल डायरी विषय पर एक व्यापक स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला यूपीसीएल के इतिहास में पहली बार इतनी विस्तृत रूप से आयोजित की गई है। इसमें प्रदेश के विभिन्न डिवीजनों से फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कार्मिकों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य और भागीदारी

कार्यशाला में विभिन्न स्तरों के अधिकारी सम्मिलित हुए, जिनमें डिविजनल अकाउंटेंट (राजस्व), असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर, अकाउंट ऑफिसर, सीनियर अकाउंट ऑफिसर, जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर (राजस्व) शामिल थे। इसका मुख्य उद्देश्य फील्ड स्तर पर कॉमर्शियल डायरी तैयार करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर चर्चा करना और राजस्व एवं ऊर्जा के आंकड़ों में एकरूपता स्थापित करना रहा।

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने इस कार्यशाला में पूरे दिन सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने फील्ड अधिकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और तत्काल समाधान प्रदान किया।

कॉमर्शियल डायरी की महत्ता

पी.सी. ध्यानी ने कहा कि कॉमर्शियल डायरी सरल कार्यालयी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह निगम के ऊर्जा एवं राजस्व आंकड़ों का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने बताया कि इसमें दर्ज आंकड़ों का प्रभाव निगम की समग्र रिपोर्टिंग, ऊर्जा लेखांकन, राजस्व विश्लेषण और प्रबंधन निर्णयों पर पड़ता है। ऐसे में अन्य त्रुटियों की तुलना में इसके आंकड़ों की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है।

कार्यशाला की विशेषताएँ

छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर ध्यान देना

कार्यशाला में उन छोटे किंतु महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई, जहां अधिकारी एवं कर्मचारी अक्सर कॉमर्शियल डायरी तैयार करते समय गलती कर जाते हैं। इन त्रुटियों का प्रभाव समेकित आंकड़ों पर पड़ सकता है, जिससे निगम की रिपोर्टिंग की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

अधिकारियों को यह समझाने पर जोर दिया गया कि कॉमर्शियल डायरी में ऊर्जा इनपुट, ऊर्जा खपत, राजस्व, बिलिंग, संग्रहण और अन्य वाणिज्यिक आंकड़ों के दौरान किन-किन पहलुओं का ध्यान रखना चाहिए। इससे बेहतर समन्वय और एकरूपता स्थापित हो सकेगी।

Corporate Office के दिशा-निर्देशों का अनुपालन

एमडी ध्यानी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे कॉर्पोरेट ऑफिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी पाबंदी से पालन करें। फील्ड और कार्यालय स्तर पर अधिकारियों की नियमित उपस्थिति एवं दायित्वों के समयबद्ध निर्वहन द्वारा ही निगम की कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रक्रिया में कोई कठिनाई आती है, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत उच्च अधिकारियों को बताना चाहिए ताकि उसका समाधान किया जा सके।

व्यावहारिक अनुभव साझा करना

कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ अधीक्षण अभियंताओं और वित्त विभाग के अधिकारियों ने प्रशिक्षण दिया। इन सत्रों में फील्ड परिस्थितियों और सामान्य रूप से होने वाली समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए, और वरिष्ठ अधिकारियों ने दिशा-निर्देश देने के साथ उनका समाधान भी किया।

सही आंकड़ा, सही रिपोर्ट और बेहतर निर्णय

पी.सी. ध्यानी ने कहा कि कॉमर्शियल डायरी की गुणवत्ता में सुधार के कारण निगम की वाणिज्यिक लेखांकन एवं प्रदर्शन निगरानी में सुधार होगा। जब बार-बार फील्ड स्तर से सही एवं प्रमाणिक आंकड़े मिलेंगे, तो निगम की वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सकेगा और उसी आधार पर निर्णय लिए जा सकेंगे।

इस प्रकार के कार्यशालाओं का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि फील्ड और कॉर्पोरेट स्तर पर संवाद को मजबूत करना भी है।

एमडी की पहल की सराहना

यूपीसीएल में पहली बार आयोजित इस व्यापक कार्यशाला को निगम की पारदर्शिता, आंकड़ों की शुद्धता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एमडी पी.सी. ध्यानी की सक्रियता और उनके संवाद स्थापित करने की कोशिशें इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाती हैं।

आशा है कि यह पहल अधिकारियों और कार्मिकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कॉमर्शियल डायरी तैयार करने की प्रक्रिया में एकरूपता, शुद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी, जिसका अंततः यूपीसीएल की समग्र रिपोर्टिंग और प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अधिक जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट पर जाएं।

टीम यंग्सइंडिया

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0