मुख्यमंत्री धामी का जैविक खेती के प्रति संदेश: पारंपरिक कृषि को सुरक्षित रखने की अपील

Jun 16, 2026 - 08:30
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मुख्यमंत्री धामी का जैविक खेती के प्रति संदेश: पारंपरिक कृषि को सुरक्षित रखने की अपील
मुख्यमंत्री धामी का जैविक खेती के प्रति संदेश: पारंपरिक कृषि को सुरक्षित रखने की अपील

मुख्यमंत्री धामी का जैविक खेती के प्रति संदेश: पारंपरिक कृषि को सुरक्षित रखने की अपील

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अपने निजी खेत में गोबर की खाद डालते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस दौरान उनकी माता भी उनके साथ थीं।

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में टिलर चलाकर खेत की जुताई की। उन्होंने खेत में गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का स्पष्ट संदेश दिया। इस अवसर पर उनकी माता बिशना देवी भी उनके साथ उपस्थित थीं, जो इस पहल का समर्थन करती नजर आईं।

कृषि की संस्कृति को संगीनी बनाते हुए

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर यह भी बताया कि खेती केवल आजीविका का माध्यम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। उन्होंने कहा कि किसान हमारे देश के असली रक्षक हैं और उनके श्रम का सम्मान करना आवश्यक है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाकर हम अपनी कृषि को अधिक समृद्ध और टिकाऊ बना सकते हैं।

प्राकृतिक खाद का महत्व

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गोबर की खाद जैसे प्राकृतिक और पारंपरिक तरीके भूमि की उर्वरता को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उत्तराखंड की कृषि पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि, ग्रामीण संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी हुई है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पारंपरिक खेती, बागवानी, प्राकृतिक कृषि, और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया।

युवाओं को खेती से जोड़ने की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि इसे साकार करने के लिए युवा पीढ़ी को भी खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि को बढ़ावा देने से न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि यह ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राज्य सरकार ने किसानों को तकनीकी सहायता और वित्तीय मदद पहुंचाने के लिए कई योजनाएँ तैयार की हैं। मुख्यमंत्री का यह कदम तब आया है जब कृषि क्षेत्र को संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनके संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्राकृतिक खेती को अपनाना न केवल फायदेमंद है बल्कि यह हमें अपने ग्रामीण और राष्ट्रीय पहचान से भी जोड़ता है।

राज्य सरकार के इस पहल का असर दूरगामी होगा, और इससे स्थानीय किसानों को लाभ पहुँचेगा। इसके साथ ही, इस दिशा में उठाए गए कदम कृषि की स्थिरता को सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।

आइए, हम सब मिलकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा दें और इस दिशा में आगे बढ़ें। अधिक अपडेट्स के लिए, विजिट करें YoungsIndia.

टीम यंग्सइंडिया

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