देहरादून: संविधान हत्या दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, सीएम धामी ने कहा— आपातकाल है लोकतंत्र का दुखद अध्याय

Jun 25, 2026 - 16:30
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देहरादून: संविधान हत्या दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, सीएम धामी ने कहा— आपातकाल है लोकतंत्र का दुखद अध्याय
देहरादून: संविधान हत्या दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, सीएम धामी ने कहा— आपातकाल है लोकतंत्र का दुखद अध्याय

देहरादून: संविधान हत्या दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान

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कम शब्दों में कहें तो, संविधान हत्या दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के एक काले अध्याय, आपातकाल, पर भी प्रकाश डाला।

संविधान हत्या दिवस का महत्व

हर वर्ष 26 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय इतिहास में उन सभी सेनानियों को याद करने का अवसर है जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठाई। मुख्यमंत्री धामी ने इस दिन को बहुत ही महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में काम करेगा।

मुख्यमंत्री धामी का संदेश

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि "आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक दुखद अध्याय है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह संपूर्ण देश के लिए एक चेतावनी है कि हमें लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने नेताओं और सेनानियों की कुर्बानियों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

आगामी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा

सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष आज के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिससे उन्हें सिखने को मिलता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना कितना आवश्यक है।

क्यों है महत्वपूर्ण आपातकाल की घटनाएँ?

आपातकाल, जो 1975 से 1977 तक लागू रहा, भारतीय लोकतंत्र में कई चुनौतियों के साथ आया। इस दौरान अनेक लोगों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया और कई स्वतंत्रता सेनानियों को गिरफ्तार किया गया। यह दौर भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ था और यह आज भी हमारी यादों में ताजा है।

समापन विचार

संविधान हत्या दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया, बल्कि इस बात पर जोर दिया कि हमें अपनी लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए सतर्क रहना चाहिए। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र की रक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी है।

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टीम यंग्सइंडिया

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