देवप्रयाग महाविद्यालय में धूमधाम के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उत्सव, छात्रों ने किया योगाभ्यास
देवप्रयाग महाविद्यालय में धूमधाम के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उत्सव
कम शब्दों में कहें तो, ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में बारहवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह से मनाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ योग की प्राचीन विद्या को लोकप्रिय बनाना है, बल्कि छात्रों और समुदाय को इसके लाभों के प्रति जागरूक करना भी है।
योग दिवस का महत्व
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य योग के माध्यम से स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देना है। इस दिवस को मनाने का निर्णय भारत सरकार ने 2014 में लिया था, और तब से हर साल इसे वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है। योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने का एक माध्यम है।
आयोजन का विवरण
नमामि गंगे समिति के तत्वाधान में, देवप्रयाग स्थित ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय में यह आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके बाद छात्रों ने एक साथ मिलकर विभिन्न योग आसनों का अभ्यास किया। इस अवसर पर समिति के संयोजक ने योग के महत्व बताते हुए छात्रों को प्रोत्साहित किया।
छात्रों की भागीदारी
इस आयोजन में महाविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया। छात्र-छात्राओं ने सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, और प्राणायाम जैसी कई योग क्रियाएँ कीं। इस योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है। छात्रों ने ध्यान और शांति प्राप्त करने के साथ-साथ योग के माध्यम से समर्पण और अनुशासन का अनुभव भी किया।
पर्यावरण का महत्व
इस अवसर पर विचार-विमर्श में यह भी बताया गया कि योग का किस तरह पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा के लिए भी योगदान मिलता है। योग और प्राचीन भारतीय विद्या का सामंजस्य ही हमें संतुलन प्रदान करता है।
समापन और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम का समापन सम्मान समारोह के साथ हुआ, जहाँ छात्रों और शिक्षकों को सराहना पत्र दिए गए। इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य है कि छात्रों को योग के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें इसके दैनिक जीवन में समर्पित करने के लिए प्रेरित किया जाए। आगे चलकर इस महाविद्यालय में योग कक्षाओं का आयोजन नियमित रूप से करने की योजना है।
योग एक ऐसा साधन है जो न केवल हमें शारीरिक स्वास्थ्य प्रदान करता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर करने और आत्मा को शांति देने का काम भी करता है। समाज में योग को बढ़ावा देकर हम एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
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टीम यंग्सइंडिया, राधिका शर्मा
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