रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली के कारण बवाल, स्थानीय लोगों ने तोड़े गेट

Jan 16, 2026 - 08:30
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रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली के कारण बवाल, स्थानीय लोगों ने तोड़े गेट
रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली के कारण बवाल, स्थानीय लोगों ने तोड़े गेट

रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली के कारण बवाल

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कम शब्दों में कहें तो, मकर संक्रांति के अवसर पर रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली ले जाने के दौरान हालात काफी तनावपूर्ण हो गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए गेट का ऊपरी हिस्सा तोड़ डाला, जिसके बाद डोली को भीतर लाने में सफलता मिली।

अगस्त्यमुनि में स्थिति तनावपूर्ण

गुरुवार को रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के बीच तीखी झड़प हो गई। मकर संक्रांति का त्योहार मनाने के लिए अगस्त्य ऋषि की डोली का आयोजन किया गया था, जो सीधे केदारनाथ हाईवे पर रखा गया था। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप था कि प्रशासन ने उचित व्यवस्थाएं नहीं की थीं, जिसके कारण माहौल बिगड़ गया।

स्थानीय लोगों का आक्रोश

मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गेट का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया। डोली की आरती की तैयारी और उत्सव की धूमधाम को देखते हुए प्रशासन को कड़ाई से कार्य करना पड़ा। यह घटना दर्शाती है कि स्थानीय समुदाय के मन में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति कितना आस्था है।

अधिकारी क्या कहते हैं?

स्थानीय प्रशासन के अधिकारी इस घटना के संदर्भ में अपना पक्ष रखते हुए बताते हैं कि ऐसा माहौल बनाने का उनका इरादा नहीं था और वे धार्मिक कार्यक्रमों के उचित आयोजन में पूरी कोशिश कर रहे थे। हालांकि, स्थानीय लोगों की नाराजगी को आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अगस्त्य ऋषि की डोली का महत्व

अगस्त्य ऋषि की डोली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत उच्च है। मकर संक्रांति जैसे पावन दिन पर इसे लेकर स्थानीय लोग विशेष उत्साह दिखाते हैं। यह एकता और भाईचारे का प्रतीक है, जो स्थानीय निवासियों के लिए श्रद्धा का विषय है।

भविष्य की संभावनाएं

इस घटना ने भविष्य में ऐसी और आयोजनों के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है। जब तक दोनों पक्षों के बीच किसी समझौते पर नहीं पहुँचते, तब तक ऐसे तनावपूर्ण महौल के बनने की संभावना बनी रहेगी।

अंत में, यह घटना न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती है बल्कि स्थानीय सरकार की जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाती है। सभी नागरिकों की सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन को जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने होंगे।

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टीम यंग्सइंडिया
— सुमित्रा मेहता

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