रामनगर में अतिक्रमण हटाने के बाद गहराया संकट: बेघर परिवारों के पुनर्वास के लिए उठी आवाज, विधायक-एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

Dec 11, 2025 - 16:30
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रामनगर में अतिक्रमण हटाने के बाद गहराया संकट: बेघर परिवारों के पुनर्वास के लिए उठी आवाज, विधायक-एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
रामनगर में अतिक्रमण हटाने के बाद गहराया संकट: बेघर परिवारों के पुनर्वास के लिए उठी आवाज, विधायक-एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

रामनगर में अतिक्रमण हटाने के बाद गहराया संकट

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कम शब्दों में कहें तो, रामनगर के ग्राम पूछड़ी में अवैध अतिक्रमण हटाने के बाद बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास के लिए सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने विधायक और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ठंड के मौसम में बिना आश्रय के रहने को मजबूर हैं, जिससे उनकी स्थिति बहुत ही गंभीर बन गई है।

अतिक्रमण हटाने का आदेश और उसके परिणाम

रामनगर में हाल ही में अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद, कई परिवार बिना घर के रह गए हैं। ग्राम पूछड़ी में यह कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों लोग बेघर हो गए। ये परिवार अब ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जहां उन्हें न केवल ठंड का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि खाने की कमी और अन्य बुनियादी जरूरतों की भी समस्या आ रही है।

समाजिक संगठन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका

इस संकट को लेकर स्थानीय सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर विधायक और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने सरकार से मांग की है कि बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने 20 दिसंबर तक कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी भी दी है। यह धरना आंदोलनकारी संगठनों की ताकत दिखाने वाला साधन होगा, जो सरकार पर दबाव डालने का प्रयास कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स और प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई बिना तैयारी के की गई, जिससे कई गरीब परिवार प्रभावित हुए हैं। अब उन्हें राहत की तलाश में भटकना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि सर्दियों में इस तरह की समस्या से निपटने के लिए सरकार को आवश्यक उपाय करने चाहिए।

क्या होंगे अगले कदम?

सरकार की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई खासी प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन, स्थानीय संगठनों का कहना है कि वे आगे के कदम उठाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में, आगामी 20 दिसंबर तक इंतजार करने के बाद अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लेंगे। यह धरना न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि सभी प्रभावित परिवारों के लिए एक आवाज बनेगा।

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टीम यंग्सइंडिया

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