दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले में सख्त कार्रवाई, 9 सीनियर छात्रों को निष्कासित किया गया

Jan 20, 2026 - 16:30
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दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले में सख्त कार्रवाई, 9 सीनियर छात्रों को निष्कासित किया गया
दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले में सख्त कार्रवाई, 9 सीनियर छात्रों को निष्कासित किया गया

दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम

कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में कॉलेज प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। एमबीबीएस के नौ सीनियर छात्रों को निष्कासित किया गया है, जबकि दो पर ₹50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। यह कदम रैगिंग के खिलाफ कॉलेज की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उठाया गया है।

रैगिंग के इस मामले में, कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई की। शिक्षा का माहौल सुरक्षित और प्रेरणादायक होना चाहिए, लेकिन रैगिंग जैसी कुप्रथाएं इसे नष्ट कर देती हैं। कॉलेज के प्रबंधन ने कहा कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रैगिंग के गंभीर परिणाम

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग से संबंधित मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्कासन के साथ-साथ जुर्माना, छात्रों को यह समझाने का माध्यम है कि रैगिंग एक गंभीर अपराध है। यह न केवल मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है बल्कि छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन को भी प्रभावित करता है।

छात्रों की प्रतिक्रिया

कॉलेज के अन्य छात्रों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। छात्रों का मानना है कि इस प्रकार के कड़े कदम से एक सकारात्मक माहौल बनेगा और नए छात्रों को सुरक्षा का एहसास होगा। कई छात्रों ने यह भी कहा है कि रैगिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों।

कॉलेज की नीतियाँ

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ने रैगिंग के खिलाफ अपनी नीतियों को और भी सख्त करने की योजना बनाई है। संस्था ने कहा है कि सभी छात्रों के लिए एक अनिवार्य ओरेन्टेशन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा, जहां उन्हें इसके नकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया जाएगा।

संस्थान ने यह भी कहा है कि वे रैगिंग के मामलों की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन करेंगे, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर काम करेगी। इसके अतिरिक्त, छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि कोई भी छात्र बिना डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सके।

इस कड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि कॉलेज प्रशासन रैगिंग के खिलाफ कितनी गंभीरता से काम कर रहा है। छात्र जीवन का उद्देश्य सकारात्मकता और सहयोग होना चाहिए, और इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है।

रैगिंग पर ऐसे प्रहार से समाज में एक नया संदेश जाएगा और अन्य संस्थानों को भी इस दिशा में कदम उठाने की प्रेरणा मिलेगी।

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टीम यंग्सइंडिया। (साक्षी शर्मा)

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