उत्तराखंड: प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान और औषधियों की संपदा का केंद्र - सीएम धामी
उत्तराखंड: प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान और औषधियों की संपदा का केंद्र - सीएम धामी
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड प्रदेश को प्राचीन काल से ही आयुर्वेद और औषधीय संपदा का महान केंद्र माना गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में मालाग्राम, यमकेश्वर में आयोजित ‘प्रथम धन्वंतरि महोत्सव’ में वर्चुअल प्रतिभाग करते हुए इस विषय पर अपनी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने इस महोत्सव में कहा कि आयुर्वेद की परंपरा मात्र चिकित्सा पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र जीवनशैली का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की औषधीय संपदा ने सदियों से मानवता की सेवा की है और यह ज्ञान आज भी प्रासंगिक है।
आयुर्वेद का महत्व
आयुर्वेद, जो ‘आयु’ और ‘वेदा’ का संयोजन है, का अर्थ है जीवन का ज्ञान। यह न केवल बीमारियों के इलाज के लिए उपाय बताता है, बल्कि जीवन के हर पहलू में स्वास्थ्य और भलाई को प्राथमिकता देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई ऐसे जड़ी-बूटियाँ पाई जाती हैं जो स्वास्थ्य योगदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
धन्वंतरि महोत्सव का उद्देश्य
‘प्रथम धन्वंतरि महोत्सव’ का मुख्य उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद की महत्वता और औषधीय पद्धतियों के बारे में जागरूक करना है। इस महोत्सव में आयुर्वेदिक चिकित्सा, औषधीय पौधों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए और आयुर्वेद का लाभ उठाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस दिशा में कई योजनाएँ लागू कर रही है ताकि आयुर्वेद को और अधिक प्रचारित किया जा सके।
निष्कर्ष
उत्तराखंड देश का एक ऐसा राज्य है जहाँ आयुर्वेद और औषधीय संपदा की समृद्ध परंपरा है। मुख्यमंत्री धामी के इस वर्चुअल कार्यक्रम ने आयुर्वेद के प्रति लोगों में उत्साह जगाया है। यह आवश्यक है कि हम इस ज्ञान को ना केवल संरक्षित करें, बल्कि इसे अपने जीवन का एक हिस्सा भी बनाएं।
अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.
टीम यंग्सइंडिया
साक्षी शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0