उत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी प्रकरण में सभी तथ्य स्पष्ट किए - सोशल मीडिया में फैली मिथ्या जानकारियाँ
उत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी प्रकरण में सभी तथ्य स्पष्ट किए
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक जानकारियों का स्पष्टीकरण दिया है।
देहरादून: अंकिता भंडारी प्रकरण जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कई भ्रामक बातें और आरोप फैल रहे हैं, इस पर उत्तराखंड पुलिस ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस का आयोजन कर सभी तथ्यों को स्पष्ट किया है।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में स्पष्टता
उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों ने खुलासा किया कि इस गंभीर मामले में किसी भी वीआईपी का नाम नहीं लिया गया है। यह जानकारी माननीय न्यायालय द्वारा भी माना गया है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के चरण में ही सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था, और वे फिलहाल जेल में हैं।
SIT की पूछताछ प्रक्रिया
विशेष जांच दल (SIT) द्वारा इस मामले में सभी गवाहों और रिसोर्ट कर्मचारियों से गहन पूछताछ की गई है। इस जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं, जो इस मामले की सच्चाई को उजागर करने में मदद कर रही हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि वे इस मामले में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतेंगे और पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए कृतसंकल्पित हैं।
सोशल मीडिया पर फैले भ्रामक आरोप
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई भ्रामक आरोप और अनर्गल बातें फैली हैं। इससे मामले को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पुलिस द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से इन भ्रामक बातों पर विराम लग सकता है। आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की अगली सुनवाई का इंतज़ार किया जा रहा है।
संक्षेप में
अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर अब तक आए तथ्यों ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वास्तव में इस मामले में कुछ गड़बड़ है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और कोर्ट का निर्णय इस मामले में सत्यता को उजागर करेगा। मामले की पूरी जानकारी पाते रहेंगे।
माननीय न्यायालय और पुलिस प्रशासन की इस गंभीर मामले में तत्परता से एकमात्र लक्ष्य न्याय को स्थापित करना है।
अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.
टीम यंग्सइंडिया, कृतिका शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0