Dehradun: कांग्रेस ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए निकाली पदयात्रा
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की कोशिश में कांग्रेस, किया पदयात्रा का आयोजन
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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी के हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर डोईवाला गुरुद्वारा से चीनी मिल तक कांग्रेस ने दो महत्वपूर्ण पदयात्राएं आयोजित की। इस आन्दोलन का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया और डोईवाला विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
पदयात्रा का उद्देश्य और उसके पीछे की भावना
अंकिता भंडारी की हत्या ने संपूर्ण उत्तराखंड को झकझोर दिया है। इस मामले में न केवल जाँच की मांग की जा रही है, बल्कि न्याय के लिए भी विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर लोगों को एकजुट किया है।
डोईवाला स्थित गुरुद्वारा ऋषिकेश रोड से शुरू हुई यह पदयात्रा चीनी मिल तक पहुँची, जहाँ सैकड़ों समर्थक “अंकिता को न्याय दो” के नारे लगाते हुए शामिल हुए। इस पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “हमारी इस यात्रा का मकसद केवल अंकिता को न्याय दिलाना ही नहीं, बल्कि समाज में हो रही असामान्य घटनाओं के खिलाफ खड़ा होना भी है।"
समर्थकों का हुजूम और समाज का संकट
परवादून जिला कांग्रेस ने इस अभियान को सफल बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इस पदयात्रा में भाग लिया, जो दिखाता है कि इस मुद्दे ने लोगों के मन में कितनी गहरी छाप छोड़ी है। हरीश रावत ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि “हम एकजुट होकर ही इस मामले में बदलाव ला सकते हैं।”
इस यात्रा में आम लोगों का सहयोग भी देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अंकिता की हत्या केवल एक व्यक्तिगत दुःख नहीं है, बल्कि समाज का संकट है। इस तरह की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।
राजनीतिक स्थिति और कांग्रेस का नज़रिया
इस मुद्दे पर कांग्रेस का दृष्टिकोण स्पष्ट है। पार्टी ने इस हत्याकांड को सिर्फ एक राजनीतिक साधन नहीं समझा, बल्कि इसे सामाजिक न्याय का प्रश्न मानते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाया है। हरीश रावत ने कहा, “हमें इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। यह हर एक नागरिक का अधिकार है कि उसे न्याय मिले।”
कांग्रेस की इस पदयात्रा ने ना केवल अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के राजनीतिक इरादे को उजागर किया है, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय को भी सामने लाया है। इस दौरान सभी प्रमुख जनसामान्य को एक जुट कर अपनी आवाज उठाने का प्रेरणादायक कार्य किया गया है।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी का मामला केवल एक हत्याकांड नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है जिसे बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के उठाया जाना चाहिए। कांग्रेस की यह पदयात्रा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज को जागरूक करने के साथ-साथ न्याय दिलाने का उद्देश्य भी रखती है।
हम सभी को इसके समर्थन में खड़ा होना चाहिए और आवाज़ उठानी चाहिए कि ऐसा अन्याय दोबारा न हो।
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टीम यंग्सइंडिया
अनामिका शर्मा
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