मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 में भाग लिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 में भाग लिया
टिहरी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय, चौरास परिसर, टिहरी में भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर, उन्होंने कहा कि इस चुनौती में भारतीय सेना के 100 जवानों के साथ-साथ देशभर से लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने सम्मिलित होकर एक नई मिसाल कायम की है।
कम शब्दों में कहें तो, यह प्रतियोगिता साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन चुकी है।
इस चैलेंज में भाग लेते हुए प्रतिभागियों ने हाई एल्टीट्यूड मैराथन में केदार-बद्री ट्रेल के माध्यम से हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल और अंततः उखीमठ तक 113 किलोमीटर की यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने अद्वितीय साहस और संयम का प्रदर्शन किया।
प्रतिभागियों के अनुभव
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन प्रतियोगिता में भाग लेने वालों ने न केवल अपने शारीरिक कौशल को साबित किया, बल्कि बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्गों की यात्रा भी की। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन न केवल राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करते हैं।
सरकार का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि आज का भारतीय युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार साहसिक पर्यटन के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। एंगलिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग और साइकिलिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है।
आगामी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि औली की बर्फीली ढलानों से लेकर ऋषिकेश में बहने वाली गंगा नदी तक, उत्तराखंड का प्रत्येक क्षेत्र साहसिक पर्यटन का एक सशक्त केंद्र बनेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों की विस्तृत नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
प्रतियोगिता की जानकारी
इस अवसर पर, मेजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और पारंपरिक यात्रा मार्गों को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। लगभग 300 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया, जिन्होंने दुर्गम पहाड़ी मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न चरणों में अपनी शक्ति और कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता की शुरुआत 16 अप्रैल को बद्रीनाथ में आयोजित एक्सपो से हुई, इसके बाद 17 अप्रैल को हेलंग से कलगोट, 18 अप्रैल को कलगोट से मंडल और 19 अप्रैल को मंडल से उखीमठ तक मैराथन चरण का आयोजन किया गया।
विशिष्ट लोग
इस मौके पर विधायक विनोद कण्डारी, मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह बेनिवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत एवं अन्य प्रमुख व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
“Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia” के तहत, इस आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों के साहस को उजागर किया, बल्कि राज्य के पर्यटन के क्षेत्र में नई उम्मीदें जगाईं।
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Signing off,
टीम यंग्सइंडिया,
स्मिता रावत
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