मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक बलवीर सिंह नेगी एवं राजेश जुंवाठा के निधन को बताया अपूरणीय क्षति
मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक बलवीर सिंह नेगी एवं राजेश जुंवाठा के निधन को बताया अपूरणीय क्षति
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की राजनीति में दो प्रमुख नेता एक साथ हमें छोड़कर चले गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को सराहा।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा में टिहरी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय बलवीर सिंह नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बलवीर सिंह नेगी का पूरा जीवन जनसेवा, सादगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा।
बलवीर सिंह नेगी का जीवन परिचय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलवीर सिंह नेगी जी का जन्म 8 दिसंबर 1947 को टिहरी गढ़वाल जनपद के ग्राम थाती में हुआ था। वे साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर जनसेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहे। 1970 के दशक से वे टिहरी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और अपने जीवन के अंतिम समय तक क्षेत्रीय विकास और जनहित के मुद्दों के लिए कार्यरत रहे।
स्वर्गीय नेगी ने भिलंगना क्षेत्र से दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे और स्थानीय विकास की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा वे जिला पंचायत सदस्य भी रहे और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय रहे।
उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.ए. और एल.एल.बी. की शिक्षा प्राप्त की थी। वे पहली बार वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर टिहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2002 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर घनसाली से और वर्ष 2007 में कांग्रेस के टिकट पर पुनः विधायक चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा के अनुभव के आधार पर उन्हें गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का भी अवसर मिला। 26 जनवरी 2026 को 78 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
पूर्व विधायक राजेश जुवांठा की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विधानसभा में पुरोला के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजेश जुवांठा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को उत्तरकाशी जिले के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि राजेश जुवांठा जी एक युवा, ऊर्जावान और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध जनप्रतिनिधि थे।
राजेश जुवांठा का जन्म 7 जुलाई 1977 को जनपद उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय बर्फिया लाल जुवांठा जी उत्तर प्रदेश सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री रहे थे, और उनकी माताजी शांति जुवांठा जी ने विकासनगर नगर पालिका की दो बार अध्यक्ष रहकर जनसेवा का कार्य किया।
जुवांठा जी ने वर्ष 2002 से 2007 तक पुरोला क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में कार्य किया और उनके जनसंपर्क के बल पर वर्ष 2007 में वे पुरोला विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। विधायक के रूप में, उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय जुवांठा जी अपने सरल, ईमानदार और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनका हृदयगति रुकने से 22 दिसंबर 2025 को निधन हुआ।
मुख्यमंत्री ने सदन की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
इन नेताओं की उपयोगिता केवल उनके करिअर तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपने समुदायों में भी गहरा योगदान दिया। उनके निधन से उत्तराखंड की राजनीति को अपूरणीय क्षति पहुंची है। उनके कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा।
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टीम यंग्सइंडिया: साक्षी शर्मा
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