मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं से भरा आदिबदरी नाथ मंदिर, धार्मिक आस्था का ज्वालामुखी

Jan 14, 2026 - 16:30
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मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं से भरा आदिबदरी नाथ मंदिर, धार्मिक आस्था का ज्वालामुखी
मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं से भरा आदिबदरी नाथ मंदिर, धार्मिक आस्था का ज्वालामुखी

मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं से भरा आदिबदरी नाथ मंदिर

कम शब्दों में कहें तो, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर चमोली जिले के आदिबदरी नाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दिन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

आध्यात्मिकता से भरा दिन

मकर संक्रांति का दिन हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व रखता है। इसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को लेकर कई धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं का पालन किया जाता है। इसी कड़ी में, चमोली के पंचबदरी के प्रथम धाम आदिबदरी नाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

आदिबदरी नाथ मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर की ओर रवाना हो गई। सुरक्षा व्यवस्था को भी खासी मजबूत किया गया था ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अनेक भक्तों ने यहाँ आकर इस पुण्य अवसर को न केवल अपने धार्मिक कर्तव्यों को निभाने बल्कि अन्य श्रद्धालुओं के साथ साझा करने का प्रयास किया।

विशेष पूजा और अनुष्ठान

मंदिर परिसर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक पंडितों ने अनुष्ठान संपन्न किए। लोग अपने परिवार के साथ आकर विशेष रूप से भगवान आदिबदरी नाथ का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे थे। भक्तों ने हाथों में कंडल लेकर विधिपूर्वक मंदिर में अपने समर्पण एवं श्रद्धा के भाव व्यक्त किए।

मंदिर का इतिहास और महत्व

आदिबदरी नाथ मंदिर का पौराणिक महत्व अत्यधिक है। मान्यता है कि यहाँ भगवान विष्णु का अंश है, और यहाँ आने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। यह मंदिर न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं बल्कि देश-विदेश से आए लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।

मकर संक्रांति के अवसर पर यहाँ का दृश्य अद्भुत था, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने आस्था की पवित्रता को प्रकट किया। इस दिन केरल से लेकर कश्मीर तक के भक्तों ने यहाँ भगवान के दर्शन किए और अपने-अपने धारणाओं का पालन किया।

निष्कर्ष

अंततः, आदिबदरी नाथ मंदिर के कपाट खोलने और मकर संक्रांति का ये पावन अवसर भगवान की कृपा से श्रद्धालुओं के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है। ऐसी विशेष अवसरों पर धार्मिकता और एकता का भाव हमेशा हृदय में बसा रहना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

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टीम यंग्सइंडिया, स्वाति शर्मा

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