देवप्रयाग महाविद्यालय में उद्यमिता कार्यक्रम, छात्रों को स्वरोजगार के लिए किया गया प्रेरित
देवप्रयाग महाविद्यालय में उद्यमिता कार्यक्रम, छात्रों को स्वरोजगार के लिए किया गया प्रेरित
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कम शब्दों में कहें तो, देवप्रयाग के ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने हेतु एक दिवसीय उद्यमिता ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारतीय उद्यमिता संस्थान, अहमदाबाद के सहयोग से देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था। उद्यमिता कार्यक्रमों का आयोजन अब अधिकतर शिक्षण संस्थानों में किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी को रोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिल सके।
मुख्य अतिथि और वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में भारतीय उद्यमिता संस्थान के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे वे अपने विचारों को व्यवसाय में बदल सकते हैं। साथ ही, उन्होंने स्वरोजगार के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “उद्यमिता केवल एक व्यवसाय शुरू करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह चुनौतियों का सामना करने और नई सोच को बढ़ावा देने के बारे में है।"
छात्रों का उत्साह
उद्यमिता कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उनके लिए नीति निर्धारण में मददगार सिद्ध हो रहे हैं। एक छात्र ने कहा, “यह कार्यक्रम हमें स्वयं के व्यवसाय स्थापित करने के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करता है और हमारी सोच को विस्तृत करता है।”
महत्वपूर्ण जानकारी और सीखे गए सबक
कार्यक्रम के अंत में छात्रों को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए काम करने का अवसर मिला। उन्होंने सीखा कि कैसे अपने आइडियाज को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाए और संभावित निवेशकों को आकर्षित किया जाए। इस प्रकार का कार्यक्रम छात्रों को न केवल जानकारी देता है, बल्कि उन्हें प्रेरित भी करता है कि वे अपने स्वयं के व्यवसाय की ओर अग्रसर हों।
निष्कर्ष
देवप्रयाग महाविद्यालय में आयोजित यह उद्यमिता कार्यक्रम स्पष्ट रूप से इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से, हमारे युवा उद्यमियों में नई सोच और आत्मनिर्भरता का विकास करना संभव है।
इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन छात्रों को एक नई दिशा में ले जाता है, जिसमें वे अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं।
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टीम यंग्सइंडिया, सुषमा शर्मा
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