उत्तराखंड: डीएम मनीष कुमार का रात में त्वरित एक्शन, अस्पताल और हाईवे पर दी सख्त चेतावनी
उत्तराखंड: डीएम मनीष कुमार का रात में त्वरित एक्शन, अस्पताल और हाईवे पर दी सख्त चेतावनी
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कम शब्दों में कहें तो, चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अपनी सक्रिय कार्यशैली से जिले में बदलाव लाने का दृढ़ संकल्प लिया है।
चंपावत: जिला प्रशासन के मुखिया मनीष कुमार की कार्यशैली इन दिनों चंपावत जिले में चर्चाओं का विषय बनी हुई है। वे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जनसमस्याओं का न केवल निराकरण करते हैं, बल्कि लापरवाह अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी देते हैं। बीती रात, डीएम ने अचानक जिला अस्पताल का दौरा किया एवं टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन का निरीक्षण किया।
डीएम का सक्रिय निरीक्षण
मनीष कुमार ने रात के अंधेरे में अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मौजूद व्यवस्थाओं की खामियों को दूर करने और मरीजों के इलाज की सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन पर भी ध्यान केंद्रित किया।
बेतरतीब व्यवस्था पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान, उन्होंने पाया कि प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्था में कुछ खामियाँ हैं जिन्हें तुरंत ठीक करने की आवश्यकता है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को बिना समय बर्बाद किए सुधार कार्य करने की चेतावनी दी। उनकी यह पहल संबंधित अधिकारियों के लिए एक नजीर है और इससे अन्य विभागों में भी अनुशासन की उम्मीद बढ़ी है।
मनीष कुमार की कार्यशैली
मनीष कुमार की सक्रियता और निष्ठा ने उन्हें जिले में एक प्रभावशाली नेता बना दिया है। उनकी कार्यशैली को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि वह जनहित के मामलों में कितने गंभीर हैं। वह न केवल गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, बल्कि अधिकारियों की लापरवाही का भी कड़ा जवाब देते हैं। ऐसे कार्यों ने उन्हें आम जनता के बीच विश्वास का प्रतीक बना दिया है।
उनके इस तरह के कदम से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रशासन की उदासीनता एक गंभीर समस्या है, जिसे दूर करने के लिए आवश्यक है कि अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए। डीएम मनीष कुमार का यह ताजा एक्शन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
निष्कर्ष
चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार का हालिया एक्शन यह दर्शाता है कि प्रशासन में सुधार की आवश्यकता को समझा जा रहा है। उनकी सक्रियता केवल चंपावत ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन सकती है।
इस बदलाव के प्रति मनीष कुमार की मेहनत निश्चित रूप से प्रशासन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। इस तरह के कार्यों से नागरिकों का विश्वास बढ़ता है और यह भी सुनिश्चित होता है कि सरकारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
अंत में, हम उम्मीद करते हैं कि अन्य जिलों के प्रशासन भी इस तरह की सक्रियता को अपनाएं और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
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टीम यंग्सइंडिया
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