मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम: एक प्रभावी जनसुनवाई मॉडल

Feb 6, 2026 - 16:30
 166  501.8k
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम: एक प्रभावी जनसुनवाई मॉडल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम: एक प्रभावी जनसुनवाई मॉडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम: एक प्रभावी जनसुनवाई मॉडल

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia

कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' कार्यक्रम ने पारदर्शिता और त्वरित जनसमाधान के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। इस पहल ने सीधे नागरिकों के बीच जाकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनासमाधान का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार सीधे जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है।

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक कुल 574 कैंप लगाये जा चुके हैं, जिनमें से हाल ही में 12 नए कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों के माध्यम से 4 लाख 55 हजार 790 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की है। आज अकेले 13,489 लोगों ने अपनी समस्याएं, शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 44,602 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 30,089 का सफल निस्तारण किया गया है। यह आंकड़े मुख्यमंत्री धामी की “समाधान के साथ शासन” के प्रति गंभीरता को स्पष्ट दर्शाते हैं।

अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 64,155 आवेदन प्राप्त हुए हैं, और 2,52,334 नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला है। विशेष रूप से समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पेंशन, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं में बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को सहायता मिली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, “सरकार का दायित्व केवल नीतियाँ बनाना नहीं, बल्कि अंत तक खड़े व्यक्ति तक उनका लाभ पहुँचाना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ इसी सोच का परिणाम है।” यह नए दृष्टिकोण से सरकारी कार्यप्रणाली में एक बदलाव लाने का प्रयास है, जो लोकतंत्र की जड़ को मज़बूत करता है और जनता के प्रति शासन की जवाबदेही को सुनिश्चित करता है।

इस पहल के माध्यम से न केवल नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि यह जनसुनवाई का एक प्रभावी मॉडल भी बन रहा है। मुख्यमंत्री धामी का यह प्रयास उल्लेखनीय है और इसे अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है।

सभी नागरिकों को इस कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए प्रशासनिक सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं और उसकी प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। इस प्रकार, 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' एक सकारात्मक विकास की ओर सरकारी प्रयासों को निर्देशित करता है।

आप हमारे साथ जुड़े रहें और और अधिक अपडेट के लिए विजिट करें YoungsIndia

सादर,
टीम यंग्सइंडिया

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0