देहरादून में медицин स्टोर से 20,000 से अधिक प्रतिबंधित गोलियों की बरामदगी, एनडीपीएस केस हुआ दर्ज

Feb 26, 2026 - 16:30
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देहरादून में медицин स्टोर से 20,000 से अधिक प्रतिबंधित गोलियों की बरामदगी, एनडीपीएस केस हुआ दर्ज
देहरादून में медицин स्टोर से 20,000 से अधिक प्रतिबंधित गोलियों की बरामदगी, एनडीपीएस केस हुआ दर्ज

मेडिकल स्टोर से बीस हजार से ज्यादा प्रतिबंधित गोलियां बरामद, एनडीपीएस में मुकदमा दर्ज

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में नशीली दवाओं के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई के तहत हजारों प्रतिबंधित गोलियां बरामद की गई हैं। इस विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना है।

नशीली दवाओं की बरामदगी

उपक्रमों में बढ़ोतरी
देहरादून, उत्तराखंड में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ राज्य सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं। सचिव स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के कमिश्नर, सचिन कुर्वे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में औषधि निरीक्षण की कार्रवाई तेजी से चलाई जाएगी। इसी क्रम में कुमाऊँ मंडल में एक महत्वपूर्ण छापेमारी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं।

छापेमारी में मिली प्रतिबंधित दवाएं
शनिवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने पुलभट्टा क्षेत्र के एसके मेडिकल स्टोर पर छापा मारा, जिसमें 20,142 ट्रामाडोल (Tramadol) और अल्प्राजोलम (Alprazolam) की गोलियां तथा 50 ट्रामाडोल इंजेक्शन बरामद हुए। यह दवाएं चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की वैध पर्ची के इनकी बिक्री अवैध मानी जाती है। स्टोर संचालक शकूर खान पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

सख्त निरीक्षण प्रणाली
स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण प्रणाली में बदलाव किया है, जिसमें तीन विशेष दलों को अन्य जिलों में भेजा गया है। यह व्यवस्था स्थानीय लेन-देन को समाप्त करने के लिए की गई है। राज्यभर में अब औचक निरीक्षण की योजना बनाई गई है, जिसका उद्देश्य नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है। राज्य सरकार का लक्ष्य स्वस्थ समाज की संरचना बनाना है।

युवाओं के स्वास्थ्य की रक्षा
सरकार के अनुसार, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का उपयोग युवक नशे के तौर पर कर रहे हैं, जो कि स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है। इस तरह की विकृति को रोकना आवश्यक है। कुमाऊँ में हुई यह विशेष कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सरकारी अधिकारियों की प्रतिबद्धता
स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने कहा है कि सरकारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण प्रणाली लागू करने के बाद, स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जो मेडिकल स्टोर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी सजा दी जाएगी।

नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह अभियान न केवल अवैध दवा कारोबारियों को प्रभावित करेगा, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक संदेश भेजेगा कि सरकार नशीली दवाओं के कारोबार को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगामी दिनों में सरकार की योजनाएं और सख्त होंगी ताकि युवाओं को नशे के प्रभावों से बचाया जा सके।

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टीम यंग्सइंडिया, स्नेहा शर्मा

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