ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती से उत्तराखंड के किसानों का बदलता भविष्य

Feb 21, 2026 - 08:30
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ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती से उत्तराखंड के किसानों का बदलता भविष्य
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के किसानों की आय में तेजी से सुधार हो सकता है।

देहरादून: उत्तराखंड में फल उत्पादन को बढ़ावा देने और पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ड्रैगन फ्रूट, कीवी, अति सघन सेब बागवानी और 'सुफल' योजना पर चर्चा की गई।

बैठक का उद्देश्य

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि उत्तराखंड को फल उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाए और किसानों को अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी का अवसर मिले। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किसानों के लिए उचित नीतियों और कार्यक्रमों पर जोर दिया जो उन्हें उत्पादन में सुधार करने में मदद कर सकें। इसके तहत, ड्रैगन फ्रूट और कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया।

ड्रैगन फ्रूट और कीवी की फसलें

ड्रैगन फ्रूट, जिसे विज्ञान की दृष्टि से 'हिलोसिरस उरेक्विंटस' कहा जाता है, एक ऐसा फल है जो उच्च पोषण और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। इसके अलावा, यह खेती के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। वहीं, कीवी भी अपने उच्च पोषण मान और बाजार में मांग के चलते किसानों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है।

अति सघन सेब बागवानी

अति सघन सेब बागवानी की योजना के अंतर्गत, किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले सेब की फसल उगाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यह तकनीक न केवल फसल की गुणवत्ता में सुधार करेगी, बल्कि उत्पादन को भी बढ़ावा देगी।

‘सुफल’ योजना का महत्व

‘सुफल’ योजना का उद्देश्य किसानों को फल उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत, किसानों को उचित बीज, ट्रीटमेंट और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।

किसानों के लिए नई संभावनाएं

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की योजनाएं किसानों की आय में सुधार लाएंगी। यदि यह योजनाएं सफल होती हैं, तो उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।

कुल मिलाकर

इस प्रकार की पहलों के माध्यम से न केवल किसानों की आय में सुधार होगा, बल्कि पूरे राज्य में कृषि उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। सभी इन योजनाओं को अपनाकर उत्तराखंड को फल उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं।

किसानों के उत्थान के लिए इस दिशा में कदम उठाना समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही यह भी आवश्यक है कि राज्य के कृषि विभाग इसके कार्यान्वयन के लिए ठोस कदम उठाए।

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टीम यंग्सइंडिया

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