उत्तराखंड: बेटा अपने लापता पिता की खोज में, अधिकारी सवाल सुनकर रह गए दंग!

Oct 25, 2025 - 16:30
 162  501.8k
उत्तराखंड: बेटा अपने लापता पिता की खोज में, अधिकारी सवाल सुनकर रह गए दंग!
उत्तराखंड: बेटा अपने लापता पिता की खोज में, अधिकारी सवाल सुनकर रह गए दंग!

उत्तराखंड: बेटा अपने लापता पिता की खोज में, अधिकारी सवाल सुनकर रह गए दंग!

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia

कम शब्दों में कहें तो: 45 वर्षीय इंद्रराज राम, जो चार दिनों से लापता हैं, के 12 वर्षीय बेटे सूरज कुमार ने डिपो पहुंचकर अधिकारियों से एक ऐसा सवाल पूछा, जिसने सबको हैरान कर दिया।

काशीपुर, उत्तराखंड: काशीपुर के रम्पुरा निवासी 45 वर्षीय रोडवेज परिचालक इंद्रराज राम पिछले चार दिनों से घर नहीं लौटे हैं। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जब उनके 12 साल के बेटे सूरज कुमार डिपो पहुंचे और अधिकारियों से पूछा, “अंकल! मेरे पापा कहां हैं?” तो यह सवाल सुनकर वहां मौजूद सभी अधिकारी सकते में आ गए।

अपने पिता की खोज में निकले सूरज कुमार की मासूमियत और उनकी चिंता ने न केवल अधिकारियों, बल्कि वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। इंद्रराज राम, जो कि प्लेटिनियम एजेंसी के तहत परिचालक के रूप में हरिद्वार रूट की बस में ड्यूटी करते हैं, के अचानक लापता होने की घटनाओं ने कई सवाल उठाएं हैं।

पिता का लापता होना - एक रहस्य

इंद्रराज राम के परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। जब से वे घर से गए हैं, परिवार के सदस्य और रिश्तेदार चिंता में हैं। उनके लापता होने की रिपोर्ट स्थानीय पुलिस थाना में दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी भी तरह की सूचना मिलने की उम्मीद नहीं है।

सूरज का साहस

सूरज के आत्मविश्वास और साहस की चर्चा सभी जगह हो रही है। इस उम्र में अपने पिता को खोजने की कोशिश करना एक साधारण बच्चा नहीं बल्कि एक साहसी दिल का काम है। यह घटना यह दर्शाती है कि कैसे प्यार और परिवार की ताकत हमें विपरीत परिस्थितियों में भी मजबूत बनाती है।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

डिपो के अधिकारियों ने सूरज की चिंता को समझा और उनकी मदद करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उन्होंने सूरज के साथ मिलकर इंद्रराज राम की खोज के लिए एक टीम बनाने का निर्णय लिया। स्थानीय पुलिस भी सक्रियता से इस मामले की जांच कर रही है और साथ ही क्षेत्र के अन्य निवासियों से भी मदद मांग रही है।

क्या होगा अंत?

इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को प्रभावित किया है, बल्कि यह समाज के लिए एक संदेश भी है कि हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। बच्चों की मासूमियत हमें सिखाती है कि हमें हमेशा सच्चाई का सामना करना चाहिए। वर्तमान में सभी की नजरें अब इंद्रराज राम की सुरक्षित वापसी पर टिकी हैं।

आपके विचारों और सुझावों के लिए हमें यहां विजिट करें.

सूचना संबंधी और अधिक समाचारों के लिए कृपया हमारे साथ बने रहें।

टीम यंग्सइंडिया, साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0