राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम: वन्य जीव पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों की संवृद्धि

Jul 25, 2026 - 08:30
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राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम: वन्य जीव पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों की संवृद्धि
राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम: वन्य जीव पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों की संवृद्धि

राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम: वन्य जीव पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों की संवृद्धि

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की है, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी में सुधार होगा।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। इस बैठक का उद्देश्य प्रदेश में मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकना और वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय में विश्वकर्मा भवन में आयोजित 23वीं उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और वन्यजीव गलियारों के संरक्षण पर जोर देते हुए विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। धामी ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

स्थानीय आजीविका के लिए वन्य जीव पर्यटन

मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय निवासियों की आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए उन्होंने वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा, बल्कि वन्य जीवों के संरक्षण में भी सहायक रहेगा।

धामी ने सुझाव दिया कि मानव वन्य जीव संघर्ष के उठाए गए साहसिक कदमों के लिए आम लोगों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने राज्य सरकार की नीति के अनुसार, वन्य जीवों के हमले में मरने वाले या घायल व्यक्ति और उनके परिवार को समय पर मुआवजा देने की बात कही।

प्रगति की समीक्षा

बैठक के दौरान वन्यजीव संरक्षण की दिशा में की गई प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्लान पर काम चल रहा है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) का गठन किया गया है, साथ ही साथ, कैमरा ट्रैप, ड्रोन और सोलर लाइट जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

बैठक में तय किया गया कि राज्य में आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान QRT की तैनाती की जाएगी। प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

आधुनिक तकनीक का उपयोग

मुख्यमंत्री धामी ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी सिस्टम को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी स्वीकृत परियोजनाओं में वन्य जीव संरक्षण संबंधी शर्तों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश भी दिया।

बैठक में शामिल अन्य विशिष्ट अधिकारियों में वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन शामिल थे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसके सफल कार्यान्वयन के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस तरह, मुख्यमंत्री धामी द्वारा दिए गए इस निर्देश से न केवल स्थानीय निवासियों की आर्थिकी में सुधार होगा, बल्कि यह वन्य जीव संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूत करेगा। आगे बढ़कर, यह नीति उत्तरी भारत में जीवन के लिए एक आदर्श उदाहरण स्थापित कर सकती है।

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टीम यंग्सइंडिया

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