मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

Jul 27, 2026 - 08:30
 99  7.8k
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनकी अद्वितीय सेवा को सलाम किया।

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के गांधी पार्क में स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया जाएगा।

भारतीय सेना के साहस का प्रतीक है कारगिल विजय

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय अदम्य साहस और अद्वितीय पराक्रम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर अद्भुत परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने दुश्मनों को परास्त करते हुए अपनी वीरता और बलिदान का परिचय दिया, जिससे न केवल भारत की सैन्य शक्ति का परिचय हुआ, बल्कि विश्व में भी एक नया उदाहरण सेट हुआ।

उत्तराखंड की वीरता की विरासत

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान देश के 527 वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने गर्व से कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, और यहां के युवा हमेशा राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहे हैं।

सरकार की सुरक्षा नीति में सुधार

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति अधिक मजबूती और आत्मविश्वास के साथ विकसित हो रही है। आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों और सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास के प्रयास नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं। वन रैंक-वन पेंशन और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जैसे निर्णय भी सैनिकों के प्रति सम्मान को बढ़ा रहे हैं।

शहीद परिवारों के कल्याण के उपाय

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शहीदों के परिजनों के कल्याण के प्रति गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आश्रितों को सहायता राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख की जाएगी और वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।

इसके अलावा, विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं जैसे कि बलिदानी परिवारों के एक सदस्य का सरकारी सेवा में समायोजन, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता, और वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था भी की गई है।

सैन्य धाम की निर्माण प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देना है। यह सैन्य धाम शहीदों के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से बनेगा।

अग्निवीरों के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। प्रदेश में पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल' स्थापित किया जा रहा है और अग्निवीरों को विभिन्न सरकारी सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।

आह्वान

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे कारगिल के अमर शहीदों की वीरता से प्रेरणा लेते हुए एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें। उनका बलिदान सभी को मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित लोग

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, और अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

अधिक अपडेट्स के लिए, कृपया हमारे पोर्टल पर जाएँ: YoungsIndia

टीम यंग्सइंडिया,
साक्षी कुमारी

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0