बैसाखी के अवसर पर सीएम धामी से मिले सिख प्रतिनिधिमंडल
बैसाखी के अवसर पर सीएम धामी से मिले सिख प्रतिनिधिमंडल
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कम शब्दों में कहें तो, इस वर्ष बैसाखी के पावन पर्व को मनाने के लिए सिख समुदाय के एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए और बैसाखी की शुभकामनाएं दीं।
देहरादून। बैसाखी के उत्साहपूर्ण अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिख समुदाय के एक विशाल एवं गरिमामयी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस प्रतिनिधिमंडल में हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उत्तराखंड किसान आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी, जनसंख्या नियंत्रण समिति के अध्यक्ष दिनेश मंसेरा एवं विधायक सुरेश गड़िया सहित कई प्रमुख सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी को पारंपरिक तौर पर सरोपा भेंट कर सम्मानित किया और बैसाखी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सिख समुदाय की विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव मनाने का माहौल देखने को मिला, जो कि श्रद्धा और सौहार्द से परिपूर्ण था।
इस मौके पर हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सिख समुदाय के कल्याण, सम्मान और धार्मिक आस्था के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जो सिख समाज को नई पहचान और सम्मान प्रदान कर रहे हैं।
बिंद्रा ने विशेष रूप से हेमकुंड साहिब के लिए लगभग ₹1740 करोड़ की लागत से प्रस्तावित रोपवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कठिन पर्वतीय यात्रा को सरल, सुरक्षित, और सुविधाजनक बनाया जाएगा, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग श्रद्धालु विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।
उन्होंने "वीर बाल दिवस" के आयोजन को भी ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह कदम गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को सम्मानपूर्वक मानना भी सिख इतिहास के प्रति देश की आस्था का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, कृषि समृद्धि और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन भूमि और गुरबाणी उनके जीवन का हिस्सा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने सिख समाज के राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समुदाय के सम्मान और सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनसे समाज को नई पहचान मिली है।
“तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” – संकल्प से सिद्धि तक
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन, तीर्थाटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: विकास की नई धुरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की परियोजना राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। इससे दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय कम होगा, जिससे पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी।
हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना: आस्था और आधुनिकता का संगम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा मिलेगी।
उत्तराखंड सरकार की सिख समुदाय के लिए प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सिख श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने पुनः बैसाखी की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह पर्व एकता, परिश्रम और सेवा की भावना को मज़बूत करने की प्रेरणा देता है।
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टीम यंग्सइंडिया
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