चैत्र नवरात्रि 2026: विशेष पूजा और व्रत पारण का संपूर्ण शेड्यूल जाने

Mar 18, 2026 - 08:30
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चैत्र नवरात्रि 2026: विशेष पूजा और व्रत पारण का संपूर्ण शेड्यूल जाने
चैत्र नवरात्रि 2026: विशेष पूजा और व्रत पारण का संपूर्ण शेड्यूल जाने

चैत्र नवरात्रि 2026: विशेष पूजा और व्रत पारण का संपूर्ण शेड्यूल जाने

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कम शब्दों में कहें तो, कलश स्थापना से शुरू होकर मां दुर्गा के नव स्वरूपों की 9 दिवसीय पूजा का आगाज़ होने जा रहा है। आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि के इस पर्व का पूरा कार्यक्रम।

चैत्र नवरात्रि: एक महत्व और पूजा का त्योहार

हर वर्ष आने वाली चैत्र नवरात्रि न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि इसे शांति और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। इस वर्ष, चैत्र नवरात्रि का आयोजन 2026 में 21 मार्च से शुरू होगा। यह त्यौहार देवी दुर्गा की उपासना के लिए 9 दिनों तक चलेगा। खासकर, इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, अनुष्ठान और विशेष पूजा की जाती है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 21 मार्च को सुबह 6:20 से 7:25 के बीच निकला है। श्रद्धालुओं को इस दिन जल कलश स्थापित करके, मां दुर्गा की आराधना करने का विशेष अवसर मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र दोनों में भक्तजन इस समय का इंतज़ार करते हैं ताकि सही मुहूर्त में पूजा कर सकें।

पूजन का संपूर्ण कार्यक्रम

पूजा का आयोजन प्रतिपदा से दशमी तक विभिन्न स्वरूपों में किया जाएगा। यहां हम आपको दिन वार अनुसार पूजा की जानकारी दे रहे हैं:

  • प्रतिपदा (21 मार्च 2026): माता शैलपुत्री की पूजा
  • द्वितीया (22 मार्च 2026): माता ब्रह्मचारिणी की पूजा
  • तृतीया (23 मार्च 2026): माता चंद्रघंटा की पूजा
  • चतुर्थी (24 मार्च 2026): माता कुशमांडा की पूजा
  • पंचमी (25 मार्च 2026): माता स्कंद माता की पूजा
  • षष्ठी (26 मार्च 2026): माता कात्यायनी की पूजा
  • सप्तमी (27 मार्च 2026): माता कालरात्रि की पूजा
  • अष्टमी (28 मार्च 2026): माता महागौरी की पूजा
  • नवमी (29 मार्च 2026): माता सिद्धिदात्री की पूजा
  • दशमी (30 मार्च 2026): व्रत पारण का समय: भक्तजन 10:15 बजे के बाद व्रत का पारण करें।

कैसे करें पूजा और व्रत

इस नवरात्रि में अपनी श्रद्धा अनुसार मां दुर्गा की आराधना करने के लिए भक्तों को विशेष ध्यान देना चाहिए। पूजा की सामग्री में देवी के वस्त्र, फूल, फल, मिठाई, और उपवास की वस्तुओं का समावेश किया जाता है। व्रत का पालन करते समय शुद्धता और भक्ति का विशेष ध्यान रखें।

निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि का पर्व एक बार फिर हमारे बीच आ रहा है, जिसमें हम मां दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त करने की कोशिश करेंगे। यह अवसर न केवल धार्मिक है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने का एक माध्यम भी है।

आइए, हम सभी मिलकर इस नवरात्रि को खुशी और दिव्यता के साथ मनाएं। अधिक जानकारियों के लिए, हमारे पोर्टल यंग्सइंडिया पर विजिट करें।

टीम यंग्सइंडिया
साक्षी शर्मा

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