ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में टेराहर्ट्ज पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में टेराहर्ट्ज पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के ग्राफिक एरा में आयोजित एक संगोष्ठी में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने फोटोनिक्स और क्वांटम मैटेरियल्स में हो रहे बदलावों पर चर्चा की।
संगोष्ठी का उद्देश्य
21 नवंबर को ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य टेराहर्ट्ज तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना था। इसमें प्रगति, चुनौतियाँ और संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
विशेषज्ञों की भागीदारी
इस संगोष्ठी में देशभर के प्रमुख वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई विद्वान ने अपनी विशेषज्ञता साझा की। संगोष्ठी के दौरान विभिन्न तकनीकी विषयों पर गहन चर्चाएँ हुईं, जिससे प्रतिभागियों को नवीनतम जानकारी और अनुसंधान परिणामों का लाभ मिला।
फोटोनिक्स का महत्व
फोटोनिक्स टेक्नोलॉजी की मदद से विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार संभव हो रहे हैं। यह क्षेत्र न केवल संचार तकनीक में उन्नति कर रहा है बल्कि चिकित्सा और ऊर्जा के क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस संगोष्ठी में ऐसे ही महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया।
क्वांटम मैटेरियल्स की नई दिशा
वैज्ञानिकों ने क्वांटम मैटेरियल्स की विशेषताओं और उनके अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। क्वांटम तकनीकी विकास के लिए एक नई दिशा प्रदान कर रहे हैं, जो भविष्य में हमारे जीवन को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
भविष्य की संभावनाएं
इस संगोष्ठी में चर्चा की गई तकनीकों का विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावित होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेराहर्ट्ज तकनीक और क्वांटम मैटेरियल्स के उपयोग से नई खोजें और उद्योगों में क्रांति संभव है।
अंत में, इस संगोष्ठी ने तकनीकी विकास के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यह दर्शाने का अवसर दिया कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है।
अधिक जानकारी और दैनिक अपडेट के लिए, कृपया हमें यहाँ पर विजिट करें।
टीम यंग्सइंडिया, स्नेहा शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0