ग्राफिक एरा में ‘बायोकॉम 2026’ का समापन: विशेषज्ञों ने बीज संरक्षण पर दिया जोर
ग्राफिक एरा में ‘बायोकॉम 2026’ का समापन: विशेषज्ञों ने बीज संरक्षण पर दिया जोर
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia
कम शब्दों में कहें तो: देहरादून, 9 मई। ग्राफिक एरा के अंतर्गत आयोजित ‘बायोकॉम 2026’ सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सतत् कृषि को बढ़ावा देने और पारंपरिक बीजों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया है।
बायोकॉम 2026 का महत्व
देहरादून में आयोजित किए गए ‘बायोकॉम 2026’ सम्मेलन में आए विशेषज्ञों ने सतत् कृषि और पारंपरिक बीज संगठनों के महत्व पर गहरा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने शामिल होकर चर्चा की कि कैसे बीज संरक्षण भविष्य की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पर्यावरणीय संतुलन के लिए बीज संरक्षण
विशेषज्ञों ने कहा कि पारंपरिक बीजों की विविधता को संरक्षित करने से न केवल खेती में सुधार होगा, बल्कि यह पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में भी सहायक होगा। वे मानते हैं कि यदि हम अपनी बीज की विविधता को नहीं बचाते, तो आने वाले समय में खाद्य उत्पादन में भारी कमी हो सकती है। इस संदर्भ में, सतत् कृषि की तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई।
सतत् कृषि और पारंपरिक बीजों का महत्व
सतत् कृषि का अर्थ है एक ऐसा कृषि विकास जो प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए, हमें भविष्य में भरपूर फसलों की आमद के लिए सक्षम बनाता है। पारंपरिक बीजों का संरक्षण इसका एक अभिन्न हिस्सा है। इन बीजों का संरक्षण करने से न केवल जैव विविधता बढ़ेगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रति भी हमारी खेती अधिक सहिष्णु साबित होगी।
निष्कर्ष
इस सम्मेलन का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को इस दिशा में जागरूक करना भी था। यह बताया गया कि किस प्रकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी का समन्वय कर हम अपने पारंपरिक कृषि प्रणालियों को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के योग्य बना सकते हैं।
For more updates, visit YoungsIndia
टीम यंग्सइंडिया, साक्षी शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0