उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर आवास सचिव की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

Feb 5, 2026 - 16:30
 166  501.8k
उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर आवास सचिव की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न
उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर आवास सचिव की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर आवास सचिव की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - YoungsIndia

कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों में देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी और मसूरी-नैनीताल के रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर अहम बैठक हुई, जिसमें आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश के तहत, मंगलवार को सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना के साथ-साथ मसूरी एवं नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता आवास सचिव, उत्तराखंड शासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।

बैठक में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूएमआरसी) के अलावा संबंधित विभागों एवं परामर्शदात्री संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रबंध निदेशक द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी में देहरादून शहर की पीआरटी परियोजना और मसूरी एवं नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति पर प्रकाश ڈाला गया।

पीआरटी परियोजना की तकनीकी एवं वित्तीय स्थिति

प्रस्तुतीकरण में स्पष्ट किया गया कि देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना को ईबीआरटीएस के फीडर सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में तीन प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं: क्लेमेंटाउन से बल्लूपुर चौक, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन, और गांधी पार्क से आईटी पार्क। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना शहर में यातायात दबाव को कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को स्थापित करने में मदद करेगी।

बैठक में निगम द्वारा तैयार की गई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर विस्तार से चर्चा की गई। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने ने परियोजना की उपयोगिता को और स्पष्ट करने पर जोर देते हुए कहा कि डीपीआर में परियोजना की आवश्यकता, पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (ईआईए), सामाजिक प्रभाव और वित्तीय व्यवहार्यता को ठोस रूप में पेश किया जाना चाहिए।

आधिकारिक निरीक्षण और रोपवे परियोजनाओं पर चर्चा

डॉ. कुमार ने देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी कॉरिडोर के संरेखण का स्थलीय निरीक्षण करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे भूमि पर परियोजना की व्यवहारिकता का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके। बैठक में मसूरी और नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं के फिजिबिलिटी अध्ययन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम, पार्किंग समस्या और प्रदूषण में कमी लाने का लक्ष्य है।

आवास सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, रोपवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का विस्तृत विवरण और स्वामित्व स्थिति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी पहलुओं का समय पर समाधान परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नितांत आवश्यक है।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा– डॉ. आर. राजेश कुमार

आवास सचिव ने कहा कि राज्य सरकार शहरी परिवहन व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विकसित कर रही है। देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना और मसूरी-नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होंगी। इनसे न केवल यातायात दबाव कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी परियोजनाओं को पारदर्शी, व्यावहारिक और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

दोनों परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की प्रस्तुति ने सभी अधिकारियों को नए दृष्टिकोण से विचार करने की प्रेरणा दी है। इससे साफ है कि उत्तराखंड सरकार ने परिवहन के साथ-साथ पर्यटन को भी अपने विकास का हिस्सा बनाने के लिए गहरी सोच-विचार की है।

अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.

टीम यंग्सइंडिया

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0